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गैस सिलेंडर विस्फोट से दहला इलाका, पक्का मकान ताश के पत्तों की तरह बिखरा

जौनपुर जिले की मड़ियाहू कोतवाली क्षेत्र के हिनौती गांव में बुधवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक मकान तेज आवाज के साथ धराशाही हो जाने के बाद मकान चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं सभी घायलों को वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। परिजनों की माना जाए तो गैस सिलेंडर फटने से मकान धराशाई हुआ है वही सूत्रों की माना जाए तो घर में पटाखा बनाने का काम होता था जिसके कारण यह संदिग्ध घटना हो गई है।

मडियाहू कोतवाली क्षेत्र के हिनौती गांव निवासी मुन्नू अहमद किरहीरा का पक्का मकान है। जो शादी विवाह में पटाखा छुड़ाने का काम बीते कई दशक से करता चला आ रहा है। बुधवार की रात करीब 8:30 बजे मुन्नू का पक्का मकान ताश के पत्ते की तरह भरभराकर जमींदोज हो गया। देखते ही देखते घर के अंदर घटना में मुन्नू (40), साहिल (17) पुत्र सलाम, मेराज (12) पुत्र मुन्नू तथा रूबी (36) पत्नी मुन्नू बुरी तरह गंभीर घायल हो गए। आसपास के लोगों ने पहुंचकर चारों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ियाहूं इलाज के लिए ले गए लेकिन डॉक्टरों ने गंभीर घायल मुन्नू और साहिल को ट्रामा सेंटर वाराणसी इलाज के लिए भेज दिया जिसके बाद उन्हें रात में ही ट्रामा सेंटर वाराणसी में भर्ती कराया गया है।

 

सूचना पर मड़ियाहूं कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और घटना की बारिकियों से जांच किया और सभी घायलों को ग्रामीणों की सहयोग से इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

 

पुलिस की माना जाए तो सभी घायल खाना बनाने का काम कर रहे थे वहीं पास में रखा गैस सिलेंडर पहले से ही लिकेज था। इस समय घर की एक औरत पानी लेने बाहर चली गई जिसके बाद आग गैस सिलेंडर में पकड़ लिया और देखते ही देखते गैस सिलेंडर में इतनी बड़ी ब्लास्ट हुई की पक्का मकान की ईट और गाटर पटिया उन खाना बनाने वाले लोगों पर गिर पड़ा जिससे सभी झुलसकर घायल हो गए। अभी तक गैस सिलेंडर का कोई टुकड़ा पुलिस के हाथ नहीं लगा हुआ है। पुलिस का दावा है कि घायलों की सदस्यों की एक महिला का बयान भी रखा हुआ है।

 

ग्रामीण सूत्रों की माना जाए तो मुन्नू पिछले कई दशक से पटाखा शादी विवाह में छुड़ाने का काम करता था लेकिन पटाखा कहां से लाता था इसका किसी को भनक भी नहीं है। ऐसा तो नहीं है की सिलेंडर की आड़ में यह सब पटाखे का खेल उस मकान में तो नहीं हो रहा हो। फिलहाल यह पुलिस की जांच का विषय है पटाखा है अथवा सिलेंडर ब्लास्ट की घटना है।

लेकिन एक बात ग्रामीणों को पच नहीं रही है की इतनी बड़ी मकान जो ताश की पत्तों की तरह एक-एक ईट बिखर चुका है और 14 किलो का सिलेंडर का एक भी टुकड़ा अभी तक ना तो ग्रामीणों ने देख पाया है और ना ही उसका साक्ष्य पुलिस के पास उपलब्ध है तो फिर यह घटना सिलेंडर ब्लास्ट की कैसे हो गई। फिलहाल घटना चाहे जैसी हुई है ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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